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टीकाकरण महा अभियान के अंतर्गत आज छिंदवाड़ा ने बनाया रिकॉर्ड

 टीकाकरण महा अभियान के अंतर्गत आज छिंदवाड़ा ने बनाया रिकॉर्ड  एक दिन में 40 हजार 121  नागरिको को लगाया कोविडशील्ड का प्रथम एव सेकंड डोज  टीकाकरण महाअभियान के अंतर्गत कलेक्टर श्री सौरभ कुमार सुमन और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री गजेंद्र सिंग नागेश के मार्गदर्शन में जिले टीकाकरण का कार्य निरंतर प्रगति पर है तहा शनिवार को इसमें रिकॉर्ड उपलब्ध हाशिल  की गई।   इस महाअभियान के अंतर्गत शनिवार को 37500 के लक्ष्य के विरुद्ध जिले के 179 टीकाकरण केन्द्रो के माध्यम से   एक दिन में 40 हजार 121  नागरिको को लगाया कोविडशील्ड का प्रथम एव सेकंड डोज लगाए गए। 

What colour zone coronavirus in Chhindwara MP? chhindwara green jone news

  मौजूदा जानकारी के अनुसार छिंदवाड़ा फ़िलहाल ग्रीन ज़ोन से बहार आने को तैयार मे है किसी भी प्रकार का कोई खतरा नहीं है।  छिंदवाड़ा जिले के नागरिक रोजाना वैक्सीन लगाने के लिए उत्सुक दिखाई दिए है।  युवाओ के काफी उत्साह दिखाई दे रहा है।  किसके चलते चारो तरफ शांति का वातावरण है और किसी भी प्रकार की कोई घटना घटित नहीं हुई है।  जिला अस्पताल छिंदवाड़ा में भी भीड़ की संख्या काफी हो चुकी है 

गूगल ने बताया सर्च के आधार पर कांग्रेस बीजेपी में से कौन आगे

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गूगल ने बताया सर्च के आधार पर कांग्रेस बीजेपी में से कौन आगे   जी हां गूगल की एक रिपोर्ट में पता चला है कि कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता बीजेपी की पार्टी के कार्यकर्ताओं से प्रचार करने के मामले में काफी पीछे हैं बीजेपी पार्टी के कार्यकर्ता सभी सोशल मीडिया पर एक्टिव रहते हैं तथा अन्य सोशल साइट पर भी एक्टिव रहते हैं वहीं कांग्रेस के कार्यकर्ता सोशल मीडिया का ज्यादा इस्तेमाल नहीं करते हैं गूगल पर सबसे ज्यादा पोस्ट बीजेपी द्वारा डाली जाती है साथ ही साथ लाइक और कमेंट भी काफी हद तक ज्यादा किए जाते हैं। तथा उनके कार्यकर्ताओं द्वारा  अच्छी खासी पोस्ट  डाली जाती है जिसके कारण युवा पीढ़ी बीजेपी की ओर ज्यादा आकर्षित हो रही है और आकर्षण के पीछे सोशल मीडिया पर बीजेपी का एक्टिव रहना सबसे बड़ा कारण बताया गया है गूगल की एनालिटिकल रिपोर्ट यह बताती है कि बीजेपी का प्रचार कांग्रेस के प्रचार से काफी आगे है। 

छिंदवाड़ा जिले का इतिहास

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  छिंदवाड़ा जिले का इतिहास एतिहासिक पृष्ठभूमि :- यह माना जाता है कि एक बार एक समय पर छिंदवाड़ा जिले “ छिन्द ” ( डेट - पाम ) के पेड़ से भरा था , और इस जगह का नाम “ छिंद ” – “ वाडा ” ( वाडा का मतलब है जगह ) था। यह भी एक और कहानी है कि शेरों की आबादी ( हिंदी में इसे “ सिंह ” कहा जाता है ) के कारण , यह माना जाता था कि इस जिले में प्रवेश करना लायंस के मांद के प्रवेश द्वार से गुजरने जैसा है। इसलिए इसे “ सिंहद्वारा ” कहा जाता है ( शेर के प्रवेश द्वार के माध्यम से ) । समय के कारण यह “ छिंदवाड़ा ” बन गया। इतिहास भक्त बुलंद राजा के शासन के समय से जगह को याद करता है , जिसका राज्य पहाड़ियों की सतपुड़ा सीमा में फैल गया था और यह मन जाता है कि उनका शासन तीसरी शताब्दी तक था। एक प्राचीन पट्टिका , “ राष्ट्रकूट ” वंश से संबंधित है , जो “ नीलकंठ ” गांव में पाया जाता है। इस राजवंश ने 7 वीं सदी तक शासन किया फिर “ गोंडवाना ” वंश आया जिसने इस क्षेत्र को “ देवगढ़...

जाम सावली हनुमान मंदिर सौसर छिंदवाड़ा

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जाम सावली हनुमान मंदिर सौसर छिंदवाड़ा  जाम सावली हनुमान मंदिर यह छिंदवाड़ा जिले के सौसर तहसील से 10 किलोमीटर दूर स्थित है।  इसे चमत्कारी हनुमान मंदिर भी कहा जाता है। चमत्कारी हनुमान जी की प्रतिमा आराम की मुद्रा में देश में जामसांवली के आलावा कही नहीं है।  सालो से हनुमान पीपल के पेड़ के निचे विराजमान है।  जानकारी के अनुसार यह प्रतिमा पहले खड़ी अवस्था में बताया जाता है की यह प्रतिमा के निचे खजाना रखा हुआ है। चोरो को जानकारी मिलते ही चोर मंदिर पहुंचे खजाना बचाने के लिये हनुमान जी लेट गये तबसे हनुमानजी विश्राम अवस्था में है।  जाम सावली के हनुमान मंदिर में नाभि से निकलता है जल और दूर करते है भुत प्रेतों का साया  मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था है की यह निरंतर आने वाले श्रद्धालु पर भुत प्रेतों का साया कभी नहीं मंडराता  मंदिर में सेकड़ो ऐसे लोग पहुंचते है जिन पर बहुत प्रेतों का साया मंडराता है। तथा मानसिक रूप से परेशान श्रद्धालुओं की परेशानी दूर होती है। मध्यप्रदेश में एक...

छिंदवाड़ा जिले की भौगोलिक स्थिति ,chhindwara के बारे में पूरी जानकारी

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  छिंदवाड़ा जिले की भौगोलिक स्थिति  chhindwara के बारे में पूरी जानकारी  आपको यह जानकर आश्चर्य होगा की छिंदवाड़ा जिला भूमि के रकबे के हिसाब से सम्पूर्ण मध्यप्रेश का सबसे बड़ा जिला है।  इसका कुल रकबा अर्थात क्षेत्रफल 11815 वर्ग किलोमीटर है।  इस जिले का गठन 1 नवंबर 1956 को किया गया।  यह जिला सतपुड़ा पत्थर  दक्षिण - पश्चिम हिस्से में 21. 28 पूर्वी देशांतर के मध्य स्थित है।  इस जिले का तापमान का कम से कम 4 डिग्री से 6 डिग्री एव अधिकतम 38 डिग्री से 40 डिग्री सेल्सियस रहता है।  इस जिले की लम्बाई उत्तर से दक्षिण की और लगभग 136 किलोमीटर तथा पूर्व से पश्चिम की और 104 किलोमीटर है। दक्षिण में  सीमा महाराष्ट्र राज्य के नागपुर और अमरावती जिले के मैदानी भाग से लगती है उत्तर उत्तर में नमरदा घाटी स्थित होशंगाबाद और नरसिंगपुर जिले इसकी सीमा बनाते है।  पश्चिम  पूर्व में क्रमशः बैतूल और सिवनी जिला स्थित है।  छिंदवाड़ा नगर , नागपुर तथा जबलपुर जिलों से रेलमार्ग तथा सड़क मार्ग से जुड़ा है।  इसके सबसे नजदीक हवाई अड्डा नागपुर है जो  125 किलोमी...

'छिंदवाड़ा अंचल के मेले , chhindwara के मेले , chhindwara में होने वाले मेले

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  छिंदवाड़ा अंचल के मेले , "chhindwara के मेले , "बेरडी का मेला ""बेरडी की दाहिलाही " " बेरडी विट्ठल मंदिर " रामाकोना का मेला , "पांढुर्णा का गोटमार मेला " "गोटमार मेला "  ग्राम बेरडी में आयोजित दाहिलाही ,  सम्पूर्ण जिल्हे("छिंदवाड़ा ") में सबसे बड़ा आयोजन ग्राम बेरडी तह. सौसर जिल्हा छिंदवाड़ा में आयोजित किया जाता है , यहाँ की मान्यता के अनुसार  विट्ठल रुखमामाई की बड़ी अदभुत मूर्ति स्थापित है , द्वितीय मान्यता है की पंढरपुर से भगवान मात्र 7 दिनों के लिए ग्राम बेरडी में आते है , यहाँ ग्राम में सभी ग्रामवासीयो का 7 दिन महोत्सव चलता है।  यह महोत्सव दसहरा के पश्चात सुरु किया जाता है , जिसमे भगवांन के समक्ष 7 दिनों तक अर्थात 168 घंटे बिना रुके परकम्मा लगाया जाता है , 7 दिन के पश्चात सबसे बड़ा महोत्सव दाहिलाही का आयोजन किया जाता है।  जिसमे महाराष्ट्र तथा मध्यप्रदेश के श्रद्धालु लाखो की तादात में उमड़ते है , पुरे ग्राम में आये हुए श्रदालु को नास्ता , चाय , फल तथा जगह जगह पर भंडारा होता है , यह...